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धान की खेती /धान की सबसे अधिक पैदावार देने वाली किस्म S 4001 धान की खेती

                        Syngenta धान की S 4001 किस्म

बीज की मात्रा: 5 से 6 कि.ग्रा.धान प्रति एकड़
नर्सरी तैयारी: 12 मीटर लम्बी, 3 मीटर चौड़ी 10 बीज भैय्या तैयार करें। 5-6 किलोग्राम धान बीज प्रति एकड़ को 8 से 10 घण्टे पानी में भिगोये तथा 12 से 18 घण्टे गीले बोरे में धान अंकुरण हेतु रखे व उचित नमी बनाये रखे। अंकुरित धान बीज को एक समान परत बनाते हुए बीज भैय्या पर बोवाई करे, और मिट्टी से ढक दें। जब नर्सरी 20 से 25 दिन की हो जाये तो मुख्य तैयार खेत में रोपाई करें।

रोपाई : एक स्थान पर एक पौधा ही रोपना चाहिए। अगर धान का पौधा कमजोर हो तो एक स्थान पर दो पौधे रोपने चाहिए। कतार से कतार की दूरी 20 से. मी. रखिये। पौधे से पौधे की दूरी 15 से.मी. रखिये।
खाद: खाद की मात्रा मिट्टी की जांच कराकर ही सही मात्रा का निर्धारण करें। साधारणतः धान के लिए नीचे दी गयी मात्रा का समयानुसार प्रयोग करें। उर्वरक की आवश्यकता हर जगह भिन्न हो सकती है। यह सुझाव दिया जाता है कि आप इसके लिए अपने राज्य के कृषि विश्वविद्यालय की अनुशंसाओं को देखें। जिंक की कमी होने पर उचित मात्रा में जिंक का प्रयोग करें।
फसल सुरक्षा कार्यक्रम: दाहिने दर्शायी गयी तालिका के अनुसार दवाओं एवं उपायों को अपनाये।

कटाई: धान की बालियां निकलने के 35 दिन बाद फसल कटाई के लिए तैयार हो जाती है।धान की कटाई के 10 दिन पहले पानी निकाल दें। कटाई के बाद धान को अच्छी तरह सुखा लें और नमी की मात्रा 12% तक लें आयें। भंडारण में लगने वाले कीड़ों के नियंत्रण का ध्यान रखें।
चेतावनी: S4001 संकर धान होने के कारण अपने खेत की उपज को बीज के रूप में दोबारा प्रयोग ना करें। संकर धान में ओज अगले वर्ष कम हो जाती है। हर साल अच्छी उपज के लिए S 4001 के नए बीज का प्रयोग करें।

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